ये है पूरा मामला
गत 21 सितंबर को यूकेएसएसएससी ने स्नातक स्तरीय परीक्षा कराई थी। परीक्षा के दौरान पेपर का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। बेरोजगार संघ ने आरोप लगाया कि यह पेपर लीक हुआ है। पुलिस ने रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया। जांच की तो पाया कि यह पेपर हरिद्वार के बहादरपुर जट स्थित सेंटर से बाहर आया था। पेपर को वहां मौजूद एक परीक्षार्थी खालिद ने पहले से केंद्र में छिपाए मोबाइल के माध्यम से अपनी बहन साबिया को भेजा। साबिया ने इसे सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को भेजा।
सुमन टिहरी गढ़वाल के शहीद श्रीमति हंसा धनई राजकीय महाविद्यालय में पढ़ाती थी। पुलिस ने 22 सितंबर को सुमन चौहान को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद खालिद को गिरफ्तार कर लिया गया। प्राथमिक पड़ताल के बाद खालिद की बहन साबिया को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने जांच में पाया था कि सुमन इस षड्यंत्र में इरादतन शामिल नहीं हुई थी बल्कि उसे यह पता ही नहीं था कि यह पेपर किसी प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित है। ऐसे में उसे जांच में सहयोग के नाम पर छोड़ दिया गया था।