Uttarakhand News : बढ़ती ठंड के बीच सीएम धामी का अधिकारियों को सख्त निर्देश रैन बसेरों में हो पुख्ता इंतजाम और जलें अलाव

नैनीताल:  उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बढ़ती ठंड और शीतलहर की आहट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। अपने नैनीताल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने कड़ाके की ठंड से आम जनता और बेघर लोगों को बचाने के लिए प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि प्रदेश भर में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था तुरंत की जाए और रैन बसेरों में सुविधाओं को चाक-चौबंद किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने नैनीताल दौरे के दौरान महसूस किया कि शाम ढलते ही तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसे देखते हुए उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में शीत लहर से बचाव की तैयारियों को सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि रैन बसेरों (नाइट शेल्टर्स) में केवल खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए, बल्कि वहां ठहरने वाले लोगों के लिए रजाई, कंबल और गद्दों की पर्याप्त और साफ-सुथरी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा है कि कड़ाके की ठंड में कोई भी जरूरतमंद खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न हो और हर जरूरतमंद को ठंड से बचाव के लिए कंबल उपलब्ध कराए जाएं।

अलाव की व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ छोटे कस्बों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर शाम के समय नियमित रूप से अलाव जलाए जाएं। अक्सर देखा जाता है कि अलाव की लकड़ियां खत्म हो जाती हैं और लोग ठिठुरते रह जाते हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ने सिर्फ अलाव जलाने ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि अलाव सही समय पर जलें और देर रात तक लोगों को राहत मिलती रहे।

प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले में विशेष टीमों को सक्रिय किया जाए जो शहरों और कस्बों में भ्रमण करें। ये टीमें यह निगरानी करेंगी कि कहीं कोई असहाय या बेघर व्यक्ति ठंड से परेशान तो नहीं है। अगर ऐसा कोई व्यक्ति मिलता है, तो उसे तुरंत राहत मुहैया कराई जाए। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि राज्य में ठंड के कारण किसी भी व्यक्ति को कष्ट न उठाना पड़े।

इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने इस पूरे अभियान की निगरानी के लिए एक रिपोर्टिंग सिस्टम भी लागू करने को कहा है। उन्होंने प्रशासन से कहा है कि अलाव, कंबल वितरण और रैन बसेरों की स्थिति को लेकर दैनिक रिपोर्ट तैयार की जाए। आवश्यक सामग्री की उपलब्धता और उसके वितरण की जानकारी रोजना अपडेट होनी चाहिए ताकि कहीं भी संसाधनों की कमी न हो। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश का प्रशासनिक अमला ठंड से निपटने की तैयारियों में जुट गया है।

 

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