पंचतत्व में विलीन हुए राकेश कुमार, पत्नी और बेटी ने दिया कंधा, नम आंखों से दी शहीद को अंतिम विदाई

मंडी: मां भारती की रक्षा के लिए हिमाचल के वीर सपूत ने अपने प्राणों का बलिदान किया. नायब सूबेदार राकेश कुमार जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आंतकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए. हिमाचल के वीर सपूत शहीद राकेश कुमार आज पंचतत्व में विलीन हो गए. शहीद के पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ आज उनका अंतिम संस्कार किया गया. शहीद राकेश कुमार की अंतिम यात्रा में लोगों का भारी हुजूम उमड़ा. हर ओर भारत माता की जय के नारे गूंज उठे और नम आंखों से शहीद को विदाई दी.

Martyr Rakesh Kumar Cremation

पत्नी और बेटी ने दिया कंधा

आज सुबह शहीद राकेश कुमार का शव उनके पैतृक गांव बरनोग में उनके घर पहुंचा. इस दौरान बड़ी तादाद में लोग शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए. जैसे ही शहीद का शव उनके घर पहुंचा तो उनकी पत्नी भानुप्रिया पति शव से लिपटकर रो पड़ी और पति की पार्थिव देह को दुलारती रही. इस मार्मिक दृश्य को देखकर हर कोई भावुक हो उठा. शहीद की पत्नी ने पति की अर्थी को कंधा दिया और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए और रोते-बिलखते हुए विदाई दी. शहीद की 14 वर्षीय बेटी ने भी अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया. इस दौरान शहीद का 7 वर्षीय बेटा भी वहां मौजूद रहा.

Martyr Rakesh Kumar Cremation

रविवार को आतंकी मुठभेड़ में हुए थे शहीद

43 वर्षीय शहीद नायब सूबेदार राकेश कुमार मंडी जिले के बल्ह उपमंडल के तहत बरनोग गांव के रहने वाले थे. राकेश कुमार भारतीय सेना की 2-पैरा स्पेशल फोर्स में थे. 10 नवंबर रविवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के केशवान इलाके के गिदरी जंगलों में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में राकेश कुमार गंभीर घायल हो गए थे. जिसके बाद वो शहीद हो गए. 11 नवंबर को उनकी पार्थिव देह मंडी पहुंच गई थी और आज सुबह उनके पैतृक गांव में, जहां परिवार, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने उनका अंतिम संस्कार किया.

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