Girish Tiwari : ‘गिर्दा’ की 14वीं पुण्यतिथि, राज्य आंदोलन में गीतों से लाए थे क्रांति, फिजाओं में आज भी गूंजती हैं उनकी कविताएं

नैनीतालः उत्तराखंड राज्य को बने 23 साल से अधिक समय बीत चुका है. अलग राज्य लिए सैकड़ों लोगों ने अपनी शहादत दी. हजारों लोग जेल गए. लेकिन इन सब में एक व्यक्ति ऐसे भी थे जो उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान अपने जनगीतों और कविताओं के माध्यम से पहाड़ी जनमानस को उत्तराखंड राज्य के निर्माण के लिए बड़े प्रभावशाली ढंग से आंदोलित करने का काम किया. वो थे जनकवि गिरीश तिवारी (गिर्दा). आज जनकवि गिरीश चंद्र तिवारी ‘गिर्दा’ की 14वीं पुण्यतिथि है.

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